बाप-दादा के जमाने की जमीन का भू-नक्शा कैसे निकालें? मोबाइल से सिर्फ 2 मिनट में देखें पुराना रिकॉर्ड!

दोस्तों आपको तो यह बात पहले से ही पता होगा कि जमीन, जायदाद और खेती-बाड़ी हमारे देश में केवल संपत्ति नहीं है, बल्कि यह हमारे परिवार की विरासत और सम्मान का प्रतीक होती है और अक्सर बहुत जगहों पर यह देखा गया है कि हमारे दादा-परदादा या बाप-दादा के जमाने की जमीनें गांवों या कस्बों में स्थित होती हैं और इसके कागजात समय के साथ खो जाते हैं या फट जाते हैं यह परेशानी बहुत लोगो के पास होती है और बहुत बार परिवारों में आपसी बंटवारे के समय जमीन के सटीक नक्शे और सीमाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो जाता है.

और पुराने समय में जमीन का नक्शा देखने या निकालने के लिए लोगों तहसील, पटवारी या लेखपाल के चक्कर लगाने लगाते है और इसके पीछे आपका बहुत ही अधिक समय बर्बाद होता है और इसके पीछे आपका काफी पैसे भी बर्बाद होता है और जो इसके बारे में नहो जानते है, उनको एक छोटे से कागज के तुकडे के लिए महीनो तक इंतजार करना पड़ता है.

लेकिन अब तो आपको पता ही होगा की आज के एमी में हर चीज डिजिटल हो गया है और डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अब सरकार ने देश के लगभग सभी राज्यों के भूमि रिकॉर्ड का कंप्यूटरीकरण कर दी है और अब आपको अपनी 50 से 100 साल पुरानी पुश्तैनी जमीन का भू-नक्शा देखने के लिए किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की बिल्कुल भी कोई जरूरत नहीं है.

क्योकि जो भी लोग इसके बारे में नहीं जान रहे है, तो यह लेख मैं उनके लिए ही लिख रहा हूँ कि आपको किसी भी सरकारी दफ्तर का चक्कर नहो लगाना पड़े और आप अपने घर बैठे ही अपने मोबाइल से केवल 2 मिनट के अंदर अपने पुश्तैनी जमीन का नक्सा निकल सकते है.

भू-नक्शा ऑनलाइन देखने के मुख्य लाभ

अगर आपको नहीं पता है, तो मैं आपको बता देता हूँ कि इन्टरनेट के माध्यम से जमीन का नक्शा ऑनलाइन निकालने के कई अनगिनत फायदे हैं और यह तरीका आम जनता की जिंगदी को बेहद आसान बना दिया है, जिसको मैं निचे अच्छे से बताया हूँ.

  • समय और पैसे की बचत: इसमें आपको किसी भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और दलालों को मोटी रकम देने से पूरी तरह मुक्ति मिलती है और इससे आपका कीमती समय और पैसा दोनों बचता है.
  • पारदर्शिता और धोखाधड़ी से बचाव: ऑनलाइन रिकॉर्ड सीधे सरकारी ऑफिशियल डेटाबेस से आते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की हेरफेर या धोखाधड़ी की संभावना शून्य होती है और आप लाइव देख सकते हैं कि सरकारी रिकॉर्ड में आपकी जमीन का वास्तविक आकार, चौहद्दी और क्षेत्रफल कितना है.
  • बंटवारे और सीमा विवाद का तुरंत समाधान: यदि परिवार में भाइयों या पड़ोसियों के बीच जमीन की सीमा को लेकर कोई विवाद है, तो भू-नक्शे की मदद से सटीक दिशाओं और पैमाइश का पता लगाया जा सकता है.
  • बैंक लोन और कानूनी कार्यों में मददगार: और खेती या जमीन पर लोन लेने के लिए या रजिस्ट्री के समय भू-नक्शा एक अनिवार्य दस्तावेज होता है, जिसे आप तुरंत ऑनलाइन निकाल कर प्रिंट कर सकते हैं.

पुराना भू-नक्शा ऑनलाइन निकालने के लिए आवश्यक जानकारियां

और यदि आप मोबाइल या कंप्यूटर से अपनी पुश्तैनी जमीन का नक्शा खोजने के लिए आपके पास कुछ बुनियादी जानकारियां होना आवश्यक है और अगर आपके पास आपका पुराने कागजात नहीं भी हैं, तो भी आप निम्नलिखित विवरणों की मदद से इसे आसानी से ढूंढ सकते हैं, जिसको मैं निचे बताया हूँ.

  • सबसे पहले आपको उस राज्य को चुनना होगा जहा आपका पुश्तैनी जमीन स्थित है.
  • फिर आपका अपने जिला को चुनना होगा.
  • फिर आप उस वह तहसील को चुने जो आपके गाँव के अंतर्गत आता है.
  • फिर आप अपने गांव का नाम चुने.
  • और फिर आप सबसे महत्वपूर्ण नंबर यानि की खसरा संख्या या प्लॉट नंबर भर कर अपने जमीन का नक्सा देख सकते है.
राज्य का नामभू-नक्शा लिंक
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मोबाइल से भू-नक्शा निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

मैं आपको बता देता हूँ कि लगभग सभी राज्यों के अंदर भू-नक्शा पोर्टल्स का काम करने का तरीका एक जैसा ही है, जिसको मैं निचे बहुत ही आसान शब्दों में बताया हूँ.

  • सबसे पहले तो आप अपने राज्य की भू-नक्शा के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
  • फिर आप वहा पर अपना State, District, Tehsil और Village को चुने.
  • उसके बाद आप अपना अपना खसरा या प्लॉट नंबर दर्ज करें.
  • फिर जैसे ही आप अपने खसरा नंबर पर क्लिक करेंगे, तो स्क्रीन के एक कोने में उस प्लॉट/जमीन से जुड़ी सभी जानकारियां दिखाई देने लगेंगी और इसके अंदर जमीन के मालिक का नाम, जमीन का कुल क्षेत्रफल, खातेदारों की संख्या और उनके नाम और जमीन का प्रकार यह सब इसमें शामिल होती है.
  • और सभी चीजो को जाँच करने के बाद आपको वाही पर आपके जमीन का नक्शा दिखाई देगा जिसको आप डाउनलोड कर सकते है या अपने मोबाइल में सेव कर सकते है.

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यदि खसरा नंबर न पता हो, तो पुराना रिकॉर्ड कैसे खोजें?

यह बात तो मनानी पड़ेगी की आज के जो नई पीढ़ी है उनको अपनी पपुरानीं पुश्तैनी संपत्तियों का खसरा या प्लॉट नंबर मालूम नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योकि निचे मैंने आपको उन सभी आसान तरीको को बताया हूँ, जिनसे आप अपने जमीन का विवरण ढूंढ सकते हैं.

  • नाम से खोजें: आपको मैं बतादू की अधिकांश राज्यों के अंदर भूलेख के पोर्टल पर खातेदार के नाम द्वारा खोजने का विकल्प होता है आप वहां अपने दादा, परदादा या पिता का नाम हिंदी में टाइप करके उनके नाम पर दर्ज सभी जमीनों की सूची देख सकते हैं और वहा से ही आपको अपने जमीन का खसरा नंबर मिल जाएगा, जिसके बाद आप भू-नक्शा निकाल सकते हैं.
  • खाता संख्या से खोजें: और यदि आपके पास पुराना कोई टैक्स रसीद या पुराना रजिस्ट्री दस्तावेज है, तो उस पर खाता संख्या लिखी होती है उसकी मदद से भी खसरा नंबर निकाला जा सकता है.
  • गांव के पुराने बुजुर्गों या पटवारी की मदद: यदि आपका ऑनलाइन नाम मैच नहीं हो रहा है तो गांव के लेखपाल/पटवारी के पास उपलब्ध शजरा नक्शा या रजिस्टर में से पुराना रिकॉर्ड आसानी से निकाला जा सकता है आप उसकी सहायता ले सकते है.

FAQs

1. क्या मोबाइल से निकाला गया भू-नक्शा कोर्ट या बैंक लोन के लिए मान्य होता है?

नहीं, ऑनलाइन डाउनलोड किया गया भू-नक्शा केवल आपकी जानकारी और सामान्य संदर्भ के लिए होता है. यदि आपको इसे किसी कानूनी मामले, रजिस्ट्री या बैंक लोन (KCC) के लिए इस्तेमाल करना है, तो आपको अपनी तहसील जाकर राजस्व अधिकारी या तहसीलदार से डिजिटल हस्ताक्षर (Digitally Signed) या प्रमाणित मुहर लगवानी होगी.

2. यदि मुझे अपनी जमीन का खसरा नंबर नहीं पता है, तो मैं भू-नक्शा कैसे देखूँ?

अगर आपको खसरा नंबर नहीं पता है, तो आप अपने राज्य के Bhulekh (भूलेख) पोर्टल पर जा सकते हैं. वहाँ खातेदार के नाम द्वारा खोजें का विकल्प चुनकर अपने दादा या पिता का नाम दर्ज करें. नाम सर्च करते ही आपको अपनी जमीन का खसरा नंबर मिल जाएगा, जिससे आप आसानी से नक्शा निकाल सकेंगे.

3. भू-नक्शा पोर्टल पर मेरे गांव का नाम क्यों नहीं दिखाई दे रहा है?

यदि ड्रापडाउन लिस्ट में आपके गांव का नाम नहीं आ रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके क्षेत्र का डिजिटल सर्वे या री-सर्वे का काम अभी सरकारी रिकॉर्ड में चल रहा है. जैसे ही सर्वे का काम पूरा हो जाएगा, सरकार इसे पोर्टल पर अपडेट कर देगी। ऐसी स्थिति में आप पुराना रिकॉर्ड देखने के लिए अपनी तहसील में संपर्क कर सकते हैं.

4. क्या हम बहुत पुराना यानी 50 से 100 साल पुराना नक्शा भी ऑनलाइन देख सकते हैं?

हाँ, डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अधिकांश राज्यों ने अपने पुराने कैडस्ट्रल और रिविजनल सर्वे को ऑनलाइन अपलोड कर दिया है. बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के पोर्टल पर आप पुराने और नए दोनों सर्वे का मिलान करके अपनी पुश्तैनी जमीन का नक्शा देख सकते हैं.

5. यदि ऑनलाइन नक्शे में मेरी जमीन का क्षेत्रफल या आकार गलत दिख रहा है, तो क्या करें?

अगर ऑनलाइन भू-नक्शे में आपकी जमीन का नक्शा टेढ़ा-मेढ़ा या रकबा (क्षेत्रफल) कम दिखाई देता है, तो आपको तुरंत अपने जिले के राजस्व विभाग, तहसीलदार या जिलाधिकारी (DM) कार्यालय में नक्शा दुरुस्ती (Correction Petition) के लिए एक लिखित आवेदन देना होगा.

निष्कर्ष:

आपको तो पता ही होगा की आज के डिजिटल ज़माने के अंदर हमे अपनी सभी संपत्ति की सही जानकारी रखना और सजग रहना बेहद जरूरी है तथा इसी लिए आप अपनी पुश्तैनी या बाप-दादा की जमीनों का ऑनलाइन भू-नक्शा और रिकॉर्ड समय-समय पर चेक करते रहे इससे आप किसी भी संभावित भूमि विवाद या अवैध कब्जे से बच सकते हैं सरकार द्वारा दी गई इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाएं और अपने परिवार की विरासत को सुरक्षित रखें और मैं आपसे यह आसा कर रहा हूँ कि आपको मेरी यह लेख अच्छी लगी होगी और अगर अच्छी लगी होगी तो आप अपने दोस्तों के पास इसको जरुर सेयर करे.

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