दोस्तों अगर आप भारत से है, तो आपको पता ही है कि भारत के अंदर शादी केवल दो दिलों या दो परिवारों का मिलन नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ा कानूनी बंधन भी है और आपको मैं बतादू की हमारे समाज में पारंपरिक रीति-रिवाजों से शादी को सामाजिक मान्यता तो बहुत ही जल्द मिल जाती है, लेकिन कानूनी रूप से खुद को पति-पत्नी साबित करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है, जिसको हम मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) या विवाह प्रमाण पत्र के नाम से जानते है.
और मैं आपको बतादू की पुराने समय के अंदर अगर कोई अपना मैरेज सर्टिफिकेट बनवाता था, तो उसको बहुत ही कठिनाई को पूरा करना पड़ता था और इस काम को बहुत बड़ा सिरदर्द माना जाता था और हम लोगो का इसके पीछे हफ्तों का समय बर्बाद होता था, लेकिन आज के डिजिटल इंडिया के अंदर ऐसा बिल्कुल नहीं है.
अब केंद्र और सभी राज्य सरकारों ने मैरिज रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है और अगर आपको अपना Marriage Certificate बनवाना है, तो आप अपने मोबाइल या लैपटॉप की मदद से केवल कुछ मिनटों में अपने घर बैठे ही इसको बना सकते है तथा अगर आपकी अभी नई-नई शादी हुई है या फिर आपकी शादी को कई साल हो चुके हैं और आप अपना Marriage Certificate नहीं बनवाये है, तो आपके लिए ही इस लेख को लिख रहा हूँ, जिसको आप एक बार अच्छे से पढ़े और अपना Marriage Certificate अपने घर से बनाये.
Marriage Certificate क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
मैं आपको बतादू की मैरेज सर्टिफिकेट एक ऐसा आधिकारिक और कानूनी दस्तावेज़ है जो राज्य सरकार के विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है और यह प्रमाण पत्र इस बात का कानूनी सबूत होता है कि दो व्यक्तियों का विवाह कानूनन संपन्न हो चुका है और मैं आपको बता देता हूँ कि अक्सर लोग यह सोचते है कि हमारे शादी का कार्ड या हमारे शादी की तस्वीरें और वीडियो ही यह साबित करने के लिए काफी हैं कि वे पति-पत्नी हैं.
लेकिन कानूनी अस्तर पर ऐसा बिल्नकुल भी नहीं होता है जब तक आपके पास सरकार द्वारा प्रमाणित विवाह प्रमाण पत्र नहीं है, तब तक कानून की नजर में आपकी शादी को पूरी तरह प्रमाणित नहीं माना जाता है, इसी लिए आपको सरकार के तरफ से अपना Marriage Certificate बनवाला पड़ता है.
| Rajya (State) | Official Apply Link |
| Uttar Pradesh | Apply Now (igrsup.gov.in) |
| Delhi | Apply Now (edistrict.delhigovt.nic.in) |
| Rajasthan | Apply Now (pehchan.raj.nic.in) |
| Madhya Pradesh | Apply Now (mpenagarpalika.gov.in) |
| Bihar | Apply Now (serviceonline.bihar.gov.in) |
| Haryana | Apply Now (shaadi.edisha.gov.in) |
| Maharashtra | Apply Now (aaplesarkar.mahaonline.gov.in) |
| West Bengal | Apply Now (rgmwb.gov.in) |
| Punjab | Apply Now (punjab.gov.in) |
| Gujarat | Apply Now (digitalgujarat.gov.in) |
| Karnataka | Apply Now (kaverionline.karnataka.gov.in) |
| Kerala | Apply Now (cr.lsgkerala.gov.in) |
| Tamil Nadu | Apply Now (tnreginet.gov.in) |
| Jharkhand | Apply Now (jharsewa.jharkhand.gov.in) |
| Uttarakhand | Apply Now (shaadi-registration.uk.gov.in) |
मैरेज सर्टिफिकेट बनवाने के मुख्य फायदे
अगर आपको मैरेज सर्टिफिकेट बनवाने के फायदे नहीं पता है, तो मैं आपको निचे इसके फायदे के बारे में बता देता हूँ कि आप इसको बनवाकर क्या – क्या सरकार से लाभ ले सकते है.
- नया पासपोर्ट बनवाने या अपडेट कराने में: आपकी शादी होने के बाद आपको पत्नी को अपने पासपोर्ट के अंदर अपना सरनेम बदलना हो या पति का नाम शामिल करवाना हो, तो मैरेज सर्टिफिकेट सबसे पहला और अनिवार्य दस्तावेज़ होता है तथा इन सभी चीजो के अलवा आपका जॉइंट पासपोर्ट बनवाने के लिए भी यह जरूरी है.
- विदेशी वीज़ा और इमिग्रेशन: अगर आप या आपके जीवनसाथी नौकरी, पढ़ाई या घूमने के लिए विदेश जाना चाहते हैं, तो स्पाउस वीज़ा या डिपेंडेंट वीज़ा के लिए मैरेज सर्टिफिकेट ही एकमात्र वैध प्रमाण माना जाता है, इसके बिना विदेशी दूतावासवीज़ा एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर देता है.
- संयुक्त बैंक खाता: अगर आपके बैंक में पति-पत्नी के नाम से जॉइंट अकाउंट खुलवाने हो या पहले से मौजूद किसी सिंगल अकाउंट में जीवनसाथी का नाम जोड़ने हो तो आपको इसके लिए बैंक इस प्रमाण पत्र की मांग करते हैं.
- सरकारी योजनाओं का लाभ: फिर अगर आपको केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली कई कल्याणकारी योजनाएं का लाभ लेने के लिए आपके पास आपका मैरेज सर्टिफिकेट आवश्यक होता है.
विवाह पंजीकरण के लिए कानूनी नियम और अधिनियम
आपको अगर नहीं पता है, तो मेनन आपको बतादू की भारत देश के अंदर शादियों का रजिस्ट्रेशन मुख्य रूप से दो अलग-अलग कानूनों के तहत ही होता है और ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको अपनी स्थिति के अनुसार सही एक्ट का चुनाव करना होता है.
A. हिंदू मैरिज एक्ट, 1955
- किसके लिए है: इस अधिनियम को टैब लागु किया जाता है जब विवाह के दोनों पक्ष हिंदू, सिख, जैन या बौद्ध धर्म से संबंध रखते है.
- शर्त: इस एक्ट के तहत केवल उन्हीं शादियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है जो पहले से ही उनके धार्मिक रीति-रिवाजों, पवित्र अग्नि के फेरे या सामाजिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हो चुकी हैं.
- समय: इस कानून के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया काफी तेज की जाती है और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही दिनों में सर्टिफिकेट मिल जाता है.
B. स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954
- किसके लिए है: इस अधिनियम को उस मामलों के अंदर लागु किया जाता है जहां पति और पत्नी अलग-अलग धर्मों या जातियों से ताल्लुक रखते हैं.
- शर्त: और इस कानून को केवल उन लोगो के उपर लागु किया जाता है जो बिना किसी पारंपरिक या धार्मिक रीति-रिवाज के, सीधे रजिस्ट्रार के सामने कोर्ट मैरेज विवाह करना चाहते है.
- प्रक्रिया: इस एक्ट के तहत आवेदन करने के बाद, विवाह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर 30 दिनों का एक सार्वजनिक नोटिस लगाया जाता है और यदि इस 30 दिनों की अवधि में किसी को इस विवाह से कोई कानूनी आपत्ति नहीं होती, तब जाकर विवाह को पंजीकृत किया जाता है.
आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता मानदंड
अगर आपको अपनामैरेज सर्टिफिकेट बनवाना है, तो उससे ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि आप और आपके जीवनसाथी सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं या नहीं.
- सबसे पहले तो विवाह के समय और आवेदन करते समय दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए.
- तथा विवाह के समय दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए.
- विवाह के लिए दोनों पक्षों की स्वतंत्र और पूर्ण सहमति होनी चाहिए किसी भी प्रकार का दबाव, धोखा या जबरदस्ती कानूनन अमान्य है.
- और आवेदन के समय दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए.
- और फिर वेरिफिकेशन के समय कम से कम 2 या 3 गवाहों का होना अनिवार्य है तथा इसकी आयु 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए.
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मैरेज सर्टिफिकेट के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
अपर आपको अपना फॉर्म ऑनलाइन भरना है, तो उस समय आपके पास मेरे द्वारा बताई गयी यह सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की स्कैन की हुई कॉपी होनी चाहिए.
- सबसे पहले तो आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड कोई एक आपके पास होना चाहिए.
- फिर आपकी आयु जाँच करने के लिए आपकी 10वीं कक्षा की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र.
- उसके बाद से आपके शादी से पहले और शादी के बाद का वर्तमान पता साबित करने के लिए – आधार कार्ड, बिजली का बिल, टेलीफोन बिल कोई एक आपके पास होना चाहिए.
- उसके बाद से दूल्हा और दुल्हन दोनों के अलग-अलग न्यूनतम 4-4 हाल ही में खींचे गए रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो.
- फिर शादी के समय की एक साफ और बड़ी तस्वीर जिसमे दूल्हा और दुल्हन दोनों पारंपरिक वेशभूषा में साफ नज़र आ रहे हों.
विवाह को प्रमाणित करने वाले अन्य दस्तावेज़
- आपके आपके शादी का कार्ड.
- फिर फेरे लेते हुए, वरमाला पहनाते हुए शादी की अन्य तस्वीरे.
- उसके बाद जिस भी मंदिर में आप शादी किये है उसका धार्मिक संस्था का प्रमाण पत्र.
- फिर पति और पत्नी दोनों की तरफ से एक नोटरी प्रमाणित हलफनामा, जिसमें शादी की तारीख, स्थान, शादी के समय उनकी वैवाहिक स्थिति और भारतीय नागरिकता की स्व-घोषणा लिखी हो.
ऑनलाइन मैरेज सर्टिफिकेट अप्लाई कैसे करें?
अगर आपको अपना मैरेज सर्टिफिकेट ऑनलाइन बनवाना है, तो मैं आपको निचे एकदम शारल शब्दों में बता देता हूँ कि आप कैसे अपना मैरेज सर्टिफिकेट अप्लाई कर सकते है, बस आप उसको एक बार अच्छे से पढ़े और अपना मैरेज सर्टिफिकेट घर बैठे बनाए.
- सबसे पहले तो आप जिस भी राज्य से आते है उस राज्य के मैरेज रजिस्ट्रेशन या ई-डिस्ट्रिक्ट के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- फिर आप वहा पर अपना User Registration करे.
- जब आपका Registration हो जायेगा तो आप लोगिने पर क्लिक करे.
- लोगिंग करते ही आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएग.
- उसके बाद वहा पर कंगी गयी सभी जानकारी को अच्छे से भरे.
- फिर मांगी गयी दस्तावेज़ और फोटो को अपलोड करें.
- अपलोड करने के बाद हर राज्य का अपना अलग – अलग आवेदन शुल्क होता है, उसको जमा करे.
- जैसे ही आप अपना फ़ीस जमा करेगे तो आपको अपने अनुसार एक अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए बोलेगा तो आप उसको अपने अनुसार बुक करले.
ऑफलाइन सत्यापन प्रक्रिया
- अगर आपको अपना मैरेज सर्टिफिकेट ऑफलाइन बनवाना है, तो आपको सबसे पहले अपने नजदीकी रजिस्ट्रार कार्यालय जाना होगा.
- फिर आपको अपना का अपॉइंटमेंट बुक करना होगा.
- फिर आप अपने सभी दस्तावेज़ों की फाइल तैयार करें और अपने साथ ले जाये.
- और अपने गवाहों को भी अपने साथ ले जाएं.
- मैरेज सब-रजिस्ट्रार अधिकारी आपके सभी ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की जांच करेंगे और आपके द्वारा ऑनलाइन भरी गई जानकारी से उसका मिलान करेंगे.
- फिर आपका कंप्यूटर सिस्टम पर पति और पत्नी का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) लिया जाएगा और लाइव वेबकैम से दोनों की फोटो खींची जाएगी और अंत में सरकारी रजिस्टर पर आपके और गवाहों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे.
FAQs
1. क्या शादी के 5 या 10 साल बाद भी मैरेज सर्टिफिकेट बनवाया जा सकता है?
हां, बिल्कुल. शादी के कितने भी साल बीत चुके हों, आप कभी भी मैरेज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। बस अंतर इतना होगा कि आपको सामान्य शुल्क के साथ कुछ विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा और शादी का कोई पुराना प्रमाण देना होगा.
2. अगर हमारी शादी का पुराना कार्ड (Wedding Card) खो गया है, तो क्या रजिस्ट्रेशन होगा?
हां, अगर शादी का कार्ड नहीं है, तो आप उस मंदिर, गुरुद्वारे या संस्था की रसीद लगा सकते हैं जहां आपकी शादी हुई थी. यदि वह भी नहीं है, तो आप किसी वकील या नोटरी अधिकारी से एक विवाह का हलफनामा बनवाकर उसे मैरेज कार्ड के स्थान पर अपलोड कर सकते हैं.
3. क्या ऑनलाइन डाउनलोड किया गया डिजिटल मैरेज सर्टिफिकेट हर जगह मान्य है?
हां, आजकल सभी राज्य सरकारें डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित मैरेज सर्टिफिकेट जारी करती हैं, जिस पर एक आधिकारिक क्यूआर कोड होता है. इसे आप डाउनलोड करके प्रिंट करवा सकते हैं, यह पूरी तरह से वैध है और हर सरकारी व गैर-सरकारी काम में स्वीकार किया जाता है.
4. क्या शादी के तुरंत बाद पत्नी का आधार कार्ड पर नाम/सरनेम बदलना जरूरी है?
नहीं, मैरेज सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय पत्नी को अपने मायके वाले ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जब आपका मैरेज सर्टिफिकेट बनकर तैयार हो जाएगा, तब आप इस सर्टिफिकेट की मदद से अपनी पत्नी के आधार कार्ड में सरनेम और पता बहुत आसानी से बदलवा सकते हैं.
5. यदि पति उत्तर प्रदेश का है और पत्नी बिहार की, तो हमें किस राज्य में आवेदन करना चाहिए?
आप अपनी सुविधा के अनुसार तीन में से किसी भी एक जगह आवेदन कर सकते हैं – 1. उत्तर प्रदेश में, 2. बिहार में (पत्नी के पते पर), या 3. उस शहर/राज्य में जहां आप दोनों की शादी का मुख्य कार्यक्रम या फेरे संपन्न हुए थे. इन तीनों जगहों के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में से किसी एक को चुनकर आप फॉर्म भर सकते हैं.
निष्कर्ष :
आपको तो पता ही है कि आज के आधुनिक और कानूनी युग में मैरेज सर्टिफिकेट बनवाना कोई विकल्प नहीं बल्कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण जरूरत बन चुका है और यह v आपके और आपके जीवन साथी के कानूनी, सामाजिक और वित्तीय अधिकारों को सुरक्षित रखता है और जब से सरकार इसकी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है टैब से यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, बेहद सस्ती और भ्रष्टाचार मुक्त हो गई है, ऐसे में अगर आपकी अभी नई – नई शादी हुई है, तो आप अपना मैरेज सर्टिफिकेट अपने घर से बनवा सकते है आपको किसी भी सरकारी कर्मचारी का चक्कर नहीं लगाना होगा.